Thursday, 22 May 2014

अपने प्रधानमंत्री के विषय में सबको जानकारी होनी चाहिए .......

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पूरा नाम :- नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
जन्म :- 17 सितंबर, 1950
जन्म भूमि :- वड़नगर, मेहसाणा ज़िला, गुजरात
पद :- चौदहवें मुख्यमंत्री, गुजरात
कार्यकाल :- 7 अक्टूबर, 2001 से अब तक
विद्यालय :- गुजरात विश्वविद्यालय
शिक्षा :- एम.ए (राजनीति शास्त्र)
पुरस्कार उपाधि :- देश के सबसे श्रेष्ठ ई-गवर्न्ड
राज्य का ELITEX 2007 - पुरस्कार भारत
की केन्द्र सरकार की ओर से प्राप्त।
जीवन परिचय:-
श्री नरेंद्र मोदी को अपने बाल्यकाल से कई तरह
की विषमताओं एवं विपरीत
परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, किन्तु अपने
उदात्त चरित्रबल एवं साहस से उन्होंने तमाम
अवरोधों को अवसर में बदल दिया, विशेषकर जब
उन्होने उच्च शिक्षा हेतु कॉलेज तथा विश्वविद्यालय
में प्रवेश लिया। उन दिनों वे कठोर संद्यर्ष एवं दारुण
मन:ताप से घिरे थे, परन्तु् अपने जीवन- समर
को उन्होंने सदैव एक योद्धा-सिपाही की तरह लड़ा है।
आगे क़दम बढ़ाने के बाद वे कभी पीछे मुड़ कर
नहीं देखते, साथ-साथ पराजय उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
अपने व्यक्तित्व की इन्हीं विशेषताओं के चलते
उन्होंने राजनीति शास्त्र विषय के साथ अपनी एम.ए
की पढ़ाई पूरी की।
राजनीतिक जीवन:-
1984 में देश के प्रसिद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक
संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस) के
स्वयं सेवक के रूप में उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत
की। यहीं उन्हें निस्वार्थता, सामाजिक दायित्वबोध,
समर्पण और देशभक्ति के विचारों को आत्म सात
करने का अवसर मिला। अपने संघ कार्य के दौरान
श्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर महत्त्वपूर्ण भूमिकाएं
निभाई हैं। फिर चाहे वह 1974 में भ्रष्टाचार के
ख़िलाफ़ चलाया गया आंदोलन हो, या 19 महीने (जून
1975 से जनवरी 1977) चला अत्यंत प्रताडि़त
करने वाला 'आपात काल'हो।
भाजपा में प्रवेश:-
1987 में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) में प्रवेश
कर उन्होंने राजनीति की मुख्यधारा में क़दम रखा।
सिर्फ़ एक साल के भीतर ही उनको गुजरात इकाई के
प्रदेश महामंत्री (जनरल सेक्रेटरी) के रूप में पदोन्नत
कर दिया गया। तब तक उन्होंने एक अत्यंत
ही कार्यक्षम व्यवस्थापक के रूप में
प्रतिष्ठा हासिल कर ली थी। पार्टी को संगठित कर
उसमें नई शक्ति का संचार करने का चुनौतीपूर्ण काम
भी उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस दौरान
पार्टी को राजनीतिक गति प्राप्त होती गई और
अप्रैल, 1990 में केन्द्र में साझा सरकार का गठन
हुआ। हालांकि यह गठबंधन कुछ ही महीनो तक चला,
लेकिन 1995 में भाजपा अपने ही बलबूते पर गुजरात
में दो तिहाई बहुमत हासिल कर सत्ता में आई।
व्यक्तित्व नरेन्द्र मोदी:-
नरेन्द्र मोदी की छवि एक कठोर प्रशासक और कड़े
अनुशासन के आग्रही की मानी जाती है, लेकिन साथ
ही अपने भीतर वे मृदुता एवं सामर्थ्य की अपार
क्षमता भी संजोये हुए हैं। नरेन्द्र मोदी को शिक्षा-
व्यवस्थामें पूरा विश्वास है। एक ऐसी शिक्षा-
व्यवस्थाजो मनुष्य के आंतरिक विकास और
उन्नति का माध्यम बने एवं समाज को अँधेरे,
मायूसी और ग़रीबी के विषचक्र से मुक्ति दिलाये।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नरेन्द्र
मोदी की गहरी दिलचस्पी है। उन्होंने गुजरात को ई-
गवर्न्ड राज्य बना दिया है और प्रौद्योगिकी के कई
नवोन्मेषी प्रयोग सुनिश्चित किये हैं। 'स्वागत
ऑनलाइन' और 'टेलि फरियाद' जैसे नवीनतम
प्रयासों से ई-पारदर्शिता आई है, जिसमें आम
नागरिक सीधा प्रशासन के उच्चतम कार्यालय
का संपर्क कर सकता है। जनशक्ति में अखण्ड
विश्वास रखने वाले नरेन्द्र मोदी ने बखूबी क़रीब पाँच
लाख कर्मचारियों की मज़बूत टीम की रचना की है।
नरेन्द्र मोदी यथार्थवादी होने के साथ
ही आदर्शवादी भी हैं। उनमें आशावाद कूटकूट कर
भरा है। उनकी हमेशा एक उदात्त धारणा रही है
कि असफलता नहीं, बल्कि उदेश्य का अनुदात्त
होना अपराध है। वे मानते हैं कि जीवन के प्रत्येक
क्षेत्र में सफलता के लिए स्पष्ट दृष्टि, उद्देश्य
या लक्ष्य का परिज्ञान और कठोर अध्यवसाय
अत्यंत ही आवश्यक गुण हैं।
पुरस्कार:-
मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यकाल के दौरान
राज्य के पृथक-पृथक क्षेत्रों में 60 से अधिक
पुरस्कार प्राप्त किये हैं। उनमें से कुछ का उल्लेख
नीचे किया जा रहा है-
16-10-2003 आपदा प्रबंधन और ख़तरा टालने
की दिशा में संयुक्त राष्ट्र की ओर से
सासाकावा पुरस्कार।
अक्टूबर-2004 प्रबंधन में नवीनता लाने के लिए
'कॉमनवेल्थ एसोसिएशन्स' की ओर से CAPAM
गोल्ड पुरस्कार।
27-11-2004 'इन्डिया इन्टरनेशनल ट्रेड
फेयर-2004 में इन्डिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइज़ेशन
फॉर गुजरात्स एक्सेलन्स' की ओर से 'स्पेशल
कमेन्डेशन गोल्ड मेडल' दिया गया।
24-02-2005 भारत सरकार की ओर से गुजरात के
राजकोट ज़िले में सेनिटेशन सुविधाओं के लिए 'निर्मल
ग्राम' पुरस्कार दिया गया।
25-04-2005 भारत सरकार के सूचना और
तकनीकी मंत्रालय और विज्ञान-तकनीकी मंत्रालय
द्वारा 'भास्कराचार्य इन्स्टिट्यूट ऑफ स्पेस
एप्लिकेशन' और 'जिओ-इन्फर्मेटिक्स' गुजरात सरकार
को "PRAGATI" के लिए 'एलिटेक्स' पुरस्कार
दिया गया।
21-05-2005 राजीव गांधी फाउन्डेशन नई
दिल्ली की ओर से आयोजित सर्वेक्षण में देश के
सभी राज्यों में गुजरात को श्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार
मिला।
01-06-2005 भूकंप के दौरान क्षतिग्रस्त हुए
गुरुद्वारा के पुनःस्थापन के लिए
यूनेस्को द्वारा 'एशिया पेसिफिक हेरिटेज' अवार्ड
दिया गया।
05-08-2005 'इन्डिया टुडे' द्वारा श्रेष्ठ निवेश
पर्यावरण पुरस्कार दिया गया।
05-08-2005 'इन्डिया टुडे' द्वारा सर्वाधिक
आर्थिक स्वातंत्र्य पुरस्कार दिया गया।
27-11-2005 नई दिल्ली में आयोजित
अन्तर्राष्ट्रीयव्यापार मेले में गुजरात पेविलियन
को प्रथम पुरस्कार मिला।
14-10-2005 गुजराती साप्ताहिक चित्रलेखा के
पाठकों ने श्री नरेन्द्र मोदी को 'पर्सन ओफ द इयर'
चुना। इस में टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा दूसरे क्रम
पर और सुपरस्टार अमिताभ बच्चन तीसरे स्थान पर
रहे। ये पुरस्कार दिनांक 18-05-2006 को दिये गये।
12-11-2005 इन्डिया टेक फाउन्डेशन की ओर से
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और नवीनता के लिए
इन्डिया टेक्नोलोजी एक्सेलन्स अवार्ड दिया गया।
30-01-2006 इन्डिया टुडे द्वारा देश व्यापी स्तर
पर कराये गये सर्वेक्षण में श्री नरेन्द्र मोदी देश के
सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री चुने गये।
23-03-2006 सेनिटेशन सुविधाओं के लिए केन्द्र
सरकार द्वारा गुजरात के कुछ गाँवों को निर्मल ग्राम
पुरस्कार दिये गये।
31-07-2006 बीस सूत्रीय कार्यक्रम के
अमलीकरण में गुजरात एक बार फिर प्रथम स्थान पर
रहा।
02-08-2006 सर्व शिक्षा अभियान में गुजरात देश
के 35 राज्यों (28+7) में सबसे प्रथम क्रमांक पर
रहा।
12-09-2006 अहल्याबाई नेशनल अवार्ड फंक्शन,
इन्दौर की ओर से पुरस्कार।
30-10-2006 चिरंजीवी योजना के लिए 'वोल स्ट्रीट
जर्नल' और 30-10-2006 चिरंजीवी योजना के लिए
'वोल स्ट्रीट जर्नल' और 'फाइनान्सियल एक्सप्रेस'
की ओर से (प्रसूति समय जच्चा-बच्चा मृत्यु दर कम
करने ले लिए) सिंगापुर में 'एशियन इन्नोवेशन अवार्ड'
दिया गया
04-11-2006 भू-रिकार्ड्स के कम्प्यूटराइजेशनके
लिए चल रही ई-धरा योजना के लिए ई-गवर्नन्स
पुरस्कार।
10-01-2007 देश के सबसे श्रेष्ठ ई-गवर्न्ड राज्य
का ELITEX 2007- पुरस्कार भारत की केन्द्र
सरकार की ओर से प्राप्त।
05-02-2007 इन्डिया टुडे-ओआरजी मार्ग के
देशव्यापी सर्वेक्षण में तीसरी बार श्रेष्ट
मुख्यमंत्री चुने गये। पाँच साल के कार्यकाल में
किसी भी मुख्यमंत्री के लिए यह अनोखी सिद्धि थी।